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UPTET 2026 CDP: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र का सम्पूर्ण मास्टर कोर्स (100+ One‑Liners)

UPTET 2026 CDP: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र का सम्पूर्ण मास्टर कोर्स (100+ One‑Liners)

UPTET 2026 CDP: मास्टर कोर्स

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र – 2500+ शब्दों में सिद्धांत, सभी मनोवैज्ञानिक, 100+ वन-लाइनर्स, ट्रिक्स और माइंड मैप

📚 UPTET 2026 की सम्पूर्ण तैयारी
प्रस्तावना (Introduction)

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development & Pedagogy – CDP) UPTET, CTET और सभी TET परीक्षाओं का सबसे स्कोरिंग विषय है। इसमें 30 प्रश्न पूछे जाते हैं – विकास के सिद्धांत, अधिगम के सिद्धांत, शिक्षण विधियाँ, मूल्यांकन, समावेशी शिक्षा और RTE 2009 पर आधारित। यह मास्टर कोर्स NCERT, SCERT और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का सार है।

विकास एवं वृद्धि (Growth & Development)
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के चरण

Piaget's Stages of Cognitive Development (0-2, 2-7, 7-11, 11+ years)

📈 वृद्धि (Growth)
शारीरिक परिवर्तन (ऊंचाई, वजन) – मात्रात्मक, मापने योग्य, जीवन के कुछ निश्चित वर्षों तक।
Physical changes – quantitative, measurable, limited period.
🌱 विकास (Development)
शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक परिवर्तन – गुणात्मक, सतत प्रक्रिया, जीवनपर्यंत।
Physical, mental, social, emotional changes – qualitative, lifelong process.

📌 विकास के सिद्धांत (Principles of Development)

  • निरंतरता का सिद्धांत (Continuity): विकास जीवनपर्यंत चलता है।
  • अन्योन्याश्रय का सिद्धांत (Interdependence): सभी पक्ष एक दूसरे से जुड़े।
  • वैयक्तिक भिन्नता का सिद्धांत (Individual Differences): प्रत्येक बालक अपने ढंग से विकसित होता है।
  • सामान्य से विशेष की ओर (General to Specific): पहले सामान्य गतिविधियाँ, फिर विशिष्ट कौशल।
  • क्रमबद्धता का सिद्धांत (Sequential): विकास एक निश्चित क्रम में होता है।
🧠 ट्रिक: “निर, अन्य, वैय, साम, क्रम” – विकास के पाँच सिद्धांत
विकास की अवस्थाएँ (Stages of Development)
अवस्था (Stage)आयु सीमा (Age)प्रमुख विशेषताएँ (Key Features)
शैशवावस्था (Infancy)0-2 वर्षसंवेदी-गामक अवस्था (Piaget), मूल विश्वास बनाम अविश्वास (Erikson), त्वरित शारीरिक विकास
प्रारंभिक बाल्यावस्था (Early Childhood)2-6 वर्षपूर्व-संक्रियात्मक अवस्था, भाषा विकास, स्वायत्तता बनाम संशय
मध्य बाल्यावस्था (Middle Childhood)6-11 वर्षमूर्त-संक्रियात्मक अवस्था, उद्योग बनाम हीनता, स्कूल जाना
किशोरावस्था (Adolescence)11-18 वर्षऔपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था, पहचान बनाम भूमिका भ्रम, अमूर्त चिंतन
प्रमुख मनोवैज्ञानिक (मानोवैज्ञानिक) एवं उनके सिद्धांत (Detailed)
मनोवैज्ञानिक (Psychologist)सिद्धांत (Theory)विस्तृत व्याख्या (Explanation in Hindi/English)
जीन पियाजे (Jean Piaget)संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development)4 अवस्थाएँ: 1) संवेदनात्मक-गामक (0-2) – इंद्रियों और गतियों से सीखना। 2) पूर्व-संक्रियात्मक (2-7) – भाषा विकास, अहंकेंद्रितता। 3) मूर्त-संक्रियात्मक (7-11) – तार्किक सोच, संरक्षण का सिद्धांत। 4) औपचारिक-संक्रियात्मक (11+) – अमूर्त चिंतन, काल्पनिक समस्या समाधान।
4 stages: Sensorimotor, Preoperational, Concrete Operational, Formal Operational.
लेव वाइगोत्सकी (Lev Vygotsky)सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural)समीपस्थ विकास क्षेत्र (ZPD) – वह क्षेत्र जहाँ बच्चा मार्गदर्शन से सीख सकता है। मचान (Scaffolding) – शिक्षक/बड़ों का सहयोग। भाषा विकास में सामाजिक अंतःक्रिया का महत्व।
ZPD (Zone of Proximal Development), Scaffolding, Social interaction.
लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg)नैतिक विकास (Moral Development)3 स्तर (6 अवस्थाएँ): 1) पूर्व-पारंपरिक (Pre-conventional) – आज्ञाकारिता, स्वार्थ। 2) पारंपरिक (Conventional) – सामाजिक अनुकूलन, कानून का पालन। 3) उत्तर-पारंपरिक (Post-conventional) – सामाजिक अनुबंध, विवेक। हाइन्ज़ दुविधा (Heinz Dilemma) प्रसिद्ध प्रयोग।
3 levels: Pre-conventional, Conventional, Post-conventional.
एरिक एरिकसन (Erik Erikson)मनोसामाजिक विकास (Psychosocial Development)8 चरण: 1) विश्वास बनाम अविश्वास (0-1), 2) स्वायत्तता बनाम संशय (1-3), 3) पहल बनाम अपराधबोध (3-6), 4) उद्योग बनाम हीनता (6-11), 5) पहचान बनाम भूमिका भ्रम (11-18), 6) अंतरंगता बनाम अलगाव (युवावस्था), 7) उत्पादकता बनाम स्थिरता (मध्य), 8) अहंकार एकीकरण बनाम निराशा (वृद्धावस्था)।
8 stages: Trust vs Mistrust, Autonomy vs Shame, Initiative vs Guilt, Industry vs Inferiority, Identity vs Role Confusion, Intimacy vs Isolation, Generativity vs Stagnation, Ego Integrity vs Despair.
सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud)मनोलैंगिक विकास (Psychosexual Development)5 चरण: 1) मुख (Oral) – 0-1, 2) गुदा (Anal) – 1-3, 3) लिंगीय (Phallic) – 3-6, 4) गुप्त (Latency) – 6-12, 5) जननांग (Genital) – 12+। व्यक्तित्व के तीन घटक: इदम् (Id) – आनंद सिद्धांत, अहम् (Ego) – वास्तविकता सिद्धांत, परा-अहम् (Superego) – नैतिकता।
5 stages: Oral, Anal, Phallic, Latency, Genital. Id, Ego, Superego.
अल्बर्ट बण्डूरा (Albert Bandura)सामाजिक अधिगम (Social Learning)अवलोकनात्मक अधिगम (Observational Learning) – बच्चे देखकर सीखते हैं। बोबो डॉल प्रयोग (Bobo Doll experiment) – प्रतिमानीकरण (Modeling) द्वारा आक्रामक व्यवहार सीखना। आत्म-प्रभावकारिता (Self-efficacy) – अपनी क्षमताओं पर विश्वास।
Observational learning, Modeling, Bobo doll experiment, Self-efficacy.
बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner)क्रिया प्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning)सक्रिय व्यवहार को पुनर्बलन (Reinforcement) या दंड (Punishment) से आकार दिया जाता है। सकारात्मक पुनर्बलन (व्यवहार को बढ़ाना), नकारात्मक पुनर्बलन (अप्रिय स्थिति हटाना), दंड (व्यवहार कम करना)। चूहे पर लीवर दबाने का प्रयोग।
Reinforcement (positive/negative), Punishment, Skinner box.
आइ.पी. पावलव (Ivan Pavlov)शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning)उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) संबंध। कुत्ते पर प्रयोग – घंटी (तटस्थ उद्दीपक) बजाने पर लार (अनुक्रिया)। स्वचालित अनुक्रियाएँ सीखी जाती हैं।
Neutral stimulus + unconditioned stimulus → conditioned response.
एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike)प्रयास एवं त्रुटि (Trial & Error)बिल्ली पर पज़ल बॉक्स प्रयोग। अधिगम के तीन नियम: 1) तत्परता का नियम (Law of Readiness), 2) अभ्यास का नियम (Law of Exercise), 3) प्रभाव का नियम (Law of Effect) – पुरस्कार से सीखना मजबूत होता है।
Trial and error learning, Laws of learning: Readiness, Exercise, Effect.
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner)बहु-बुद्धि (Multiple Intelligences)8 प्रकार की बुद्धि: 1) भाषा (Linguistic), 2) तार्किक-गणितीय (Logical-Mathematical), 3) संगीत (Musical), 4) स्थानिक (Spatial), 5) शारीरिक-गतिक (Bodily-Kinesthetic), 6) अंतर-वैयक्तिक (Interpersonal), 7) अंतरा-वैयक्तिक (Intrapersonal), 8) प्रकृति (Naturalistic)।
8 intelligences: Linguistic, Logical, Musical, Spatial, Bodily, Interpersonal, Intrapersonal, Naturalistic.
चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman)द्वि-कारक सिद्धांत (Two-Factor Theory)बुद्धि दो कारकों से मिलकर बनी है: G (सामान्य कारक – General factor) और S (विशिष्ट कारक – Specific factor)। G कारक सभी कार्यों के लिए आवश्यक है।
G factor (general intelligence) and S factor (specific abilities).
रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg)त्रि-आयामी बुद्धि (Triarchic Theory)तीन प्रकार की बुद्धि: 1) विश्लेषणात्मक (Analytical) – समस्या समाधान, 2) सृजनात्मक (Creative) – नए विचार, 3) व्यावहारिक (Practical) – रोजमर्रा के कार्य।
Analytical, Creative, Practical intelligence.
अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow)आवश्यकता पिरामिड (Hierarchy of Needs)5 स्तर: 1) शारीरिक (Physiological) – भूख, प्यास, 2) सुरक्षा (Safety) – आश्रय, 3) संबंध/अपनत्व (Love/Belonging) – मित्रता, 4) सम्मान (Esteem) – आत्म-सम्मान, 5) आत्म-साक्षात्कार (Self-actualization) – अपनी पूरी क्षमता का विकास।
5 levels: Physiological, Safety, Love/Belonging, Esteem, Self-actualization.
जॉन बी. वाटसन (John B. Watson)व्यवहारवाद (Behaviourism)Little Albert प्रयोग – श्वेत चूहे के साथ तेज आवाज जोड़कर भय उत्पन्न करना। व्यवहारवाद के जनक।
Father of Behaviourism, Little Albert experiment.
वुल्फगांग कोहलर (Wolfgang Köhler)अंतर्दृष्टि (Insight Theory)चिम्पांजी (सुल्तान) पर प्रयोग – बिना प्रयास के अचानक समस्या का समाधान (अंतर्दृष्टि)।
Insight learning, Sultan the chimpanzee.

💡 मेमोरी ट्रिक (सिद्धांतकार): “पियाजे को ज्ञान, वाइगोत्सकी को साथी, कोहलबर्ग को नैतिक, एरिकसन को समाज, फ्रायड को काम, बण्डूरा को नकल, स्किनर को चूहा, पावलव को कुत्ता, थॉर्नडाइक को बिल्ली, गार्डनर को आठ, स्पीयरमैन को G-S, स्टर्नबर्ग को तीन, मैस्लो को पिरामिड”

अधिगम के सिद्धांत (Learning Theories)
Bloom's Taxonomy

Bloom's Taxonomy – संज्ञानात्मक पक्ष के 6 स्तर

📌 व्यवहारवाद (Behaviourism)
पावलव, थॉर्नडाइक, स्किनर, वाटसन। उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) संबंध।
📌 संज्ञानवाद (Cognitivism)
पियाजे, वाइगोत्सकी, ब्रूनर। मानसिक प्रक्रियाओं पर जोर।
📌 सामाजिक अधिगम (Social Learning)
बण्डूरा। अवलोकन, अनुकरण, मॉडलिंग।
📌 मानवतावाद (Humanism)
मैस्लो, रोजर्स। आत्म-साक्षात्कार, आवश्यकताएँ।
बुद्धि (Intelligence) एवं सृजनात्मकता (Creativity)
Maslow's Hierarchy of Needs

मैस्लो की आवश्यकता पिरामिड (5 स्तर)

📊 बुद्धि के सिद्धांत

  • स्पीयरमैन – द्वि-कारक (G & S)
  • थॉर्नडाइक – बहु-कारक
  • गार्डनर – बहु-बुद्धि (8)
  • स्टर्नबर्ग – त्रि-आयामी
  • बिने – मानसिक आयु (MA) की अवधारणा
  • टरमन – IQ सूत्र (MA/CA × 100)

🎨 सृजनात्मकता (Creativity)

  • मौलिकता, लचीलापन, प्रवाह, विस्तार
  • टोरेन्स – सृजनात्मक चिन्तन परीक्षण
  • वालस – 4 चरण: तैयारी, उद्भवन, उद्भासन, सत्यापन
शिक्षाशास्त्र (Pedagogy) – शिक्षण विधियाँ, मूल्यांकन, NCF & RTE

📖 शिक्षण विधियाँ (Teaching Methods)

  • आगमन (Inductive) – उदाहरण से नियम
  • निगमन (Deductive) – नियम से उदाहरण
  • प्रश्नोत्तर (Socratic)
  • प्रोजेक्ट विधि (Kilpatrick)
  • मोंटेसरी विधि (Maria Montessori)
  • डाल्टन योजना (Helen Parkhurst)

📝 मूल्यांकन (Evaluation)

  • रचनात्मक (Formative) – CCE
  • योगात्मक (Summative)
  • नैदानिक (Diagnostic)
  • उपचारात्मक (Remedial)

🏛️ NCF 2005: बाल-केंद्रित शिक्षा, ज्ञान को जीवन से जोड़ना, रटने के स्थान पर समझ।

📜 RTE 2009 (86वां संशोधन): 6-14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा, 25% आरक्षण, शिक्षक-छात्र अनुपात।

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education)

समावेशी शिक्षा – सभी बच्चों (दिव्यांग, विशेष आवश्यकता, सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े) को सामान्य कक्षा में शिक्षित करना।

  • SSA (सर्व शिक्षा अभियान)
  • Rights of Persons with Disabilities Act 2016
  • विशेष आवश्यकताएँ: डिस्लेक्सिया (पढ़ने में कठिनाई), डिस्ग्राफिया (लिखने में), डिस्केलकुलिया (गणित में), ADHD, ऑटिज्म
स्मार्ट ट्रिक्स (रैपिड रिवीजन)
📌 पियाजे की अवस्थाएँ: “संवेदन-पूर्व-मूर्त-औपचारिक” (0-2, 2-7, 7-11, 11+)
📌 कोहलबर्ग के स्तर: “पूर्व-पारंपरिक, पारंपरिक, उत्तर-पारंपरिक”
📌 एरिकसन के 8 चरण: “विश्वास, स्वायत्तता, पहल, उद्योग, पहचान, अंतरंगता, उत्पादकता, अहंकार”
📌 गार्डनर की बुद्धियाँ: “संशा तभी अंतरा प्रदृ” (8 प्रकार)
📌 थॉर्नडाइक के नियम: “तत्परता, अभ्यास, प्रभाव”
📌 मैस्लो का पिरामिड: “शारीरिक, सुरक्षा, संबंध, सम्मान, आत्म-साक्षात्कार”

🧠 प्रो-लेवल माइंड मैप (सारांश)

पियाजे → 4 अवस्थाएँ
वाइगोत्सकी → ZPD, Scaffolding
कोहलबर्ग → 3 नैतिक स्तर
एरिकसन → 8 मनोसामाजिक चरण
फ्रायड → 5 मनोलैंगिक चरण
बण्डूरा → अवलोकनात्मक अधिगम
स्किनर → क्रिया प्रसूत अनुबंधन
पावलव → शास्त्रीय अनुबंधन
थॉर्नडाइक → प्रयास एवं त्रुटि
गार्डनर → 8 बुद्धियाँ
स्पीयरमैन → G & S
स्टर्नबर्ग → त्रि-आयामी
मैस्लो → आवश्यकता पिरामिड
कोहलर → अंतर्दृष्टि
100+ हाई-यील्ड वन-लाइनर्स (परीक्षा में बार-बार पूछे गए)
1. पियाजे – संज्ञानात्मक विकास के 4 चरण। (Cognitive Development – 4 stages)
2. वाइगोत्सकी – समीपस्थ विकास क्षेत्र (ZPD) और मचान (Scaffolding)।
3. कोहलबर्ग – नैतिक विकास के 3 स्तर (Pre-conventional, Conventional, Post-conventional)।
4. एरिकसन – मनोसामाजिक विकास के 8 चरण।
5. फ्रायड – मनोलैंगिक विकास के 5 चरण (मुख, गुदा, लिंगीय, गुप्त, जननांग)।
6. बण्डूरा – सामाजिक अधिगम (बोबो डॉल प्रयोग) – अवलोकनात्मक अधिगम।
7. थॉर्नडाइक – प्रयास एवं त्रुटि (बिल्ली) – तत्परता, अभ्यास, प्रभाव के नियम।
8. पावलव – शास्त्रीय अनुबंधन (कुत्ता, घंटी, लार)।
9. स्किनर – क्रिया प्रसूत अनुबंधन (चूहा, लीवर) – पुनर्बलन और दंड।
10. मैस्लो – आवश्यकता पिरामिड (5 स्तर)।
11. गार्डनर – बहु-बुद्धि सिद्धांत (8 प्रकार)।
12. स्पीयरमैन – द्वि-कारक सिद्धांत (G – सामान्य, S – विशिष्ट)।
13. स्टर्नबर्ग – त्रि-आयामी बुद्धि (विश्लेषणात्मक, सृजनात्मक, व्यावहारिक)।
14. कोहलर – अंतर्दृष्टि (Insight) सिद्धांत (चिम्पांजी सुल्तान)।
15. वाटसन – व्यवहारवाद के जनक, Little Albert प्रयोग।
16. IQ सूत्र – (मानसिक आयु / कालानुक्रमिक आयु) × 100।
17. केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप – माध्य, माध्यिका, बहुलक (Mean, Median, Mode)।
18. NCF 2005 – राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा – बाल-केंद्रित शिक्षा।
19. RTE 2009 – 6-14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा (86वां संशोधन)।
20. आगमन विधि (Inductive) – उदाहरण से नियम की ओर।
21. निगमन विधि (Deductive) – नियम से उदाहरण की ओर।
22. प्रोजेक्ट विधि – किलपैट्रिक (Kilpatrick)।
23. मोंटेसरी विधि – मारिया मोंटेसरी (बाल-केंद्रित)।
24. डाल्टन योजना – हेलेन पार्कहर्स्ट।
25. रचनात्मक मूल्यांकन (Formative) – सीखने के दौरान प्रतिपुष्टि।
26. योगात्मक मूल्यांकन (Summative) – सत्र के अंत में।
27. नैदानिक मूल्यांकन (Diagnostic) – कमियों का पता लगाना।
28. उपचारात्मक शिक्षण (Remedial) – कमियों को दूर करना।
29. बाल मनोविज्ञान का जनक – जीन पियाजे।
30. व्यवहारवाद का जनक – जॉन बी. वाटसन।
31. समावेशी शिक्षा – सभी बच्चों को सामान्य कक्षा में शिक्षित करना।
32. अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning) – पुराने ज्ञान का नई स्थिति में प्रयोग।
33. स्मृति के प्रकार – संवेदी (Sensory), अल्पकालिक (Short-term), दीर्घकालिक (Long-term)।
34. विस्मृति (Forgetting) के कारण – अभ्यास की कमी, मानसिक द्वंद्व।
35. अभिप्रेरणा (Motivation) – आंतरिक (Intrinsic) और बाह्य (Extrinsic)।
36. रक्षा तंत्र (Defense Mechanisms) – विस्थापन (Displacement), दमन (Repression), प्रतिगमन (Regression), युक्तियुक्तीकरण (Rationalization)।
37. व्यक्तित्व के प्रक्षेपी परीक्षण (Projective) – TAT, Rorschach, SCT।
38. व्यक्तित्व के अप्रक्षेपी परीक्षण – 16 PF (Cattell), MMPI।
39. बुद्धि लब्धि श्रेणियाँ – 130+ (प्रतिभाशाली), 90-109 (सामान्य), 70-89 (मंदबुद्धि)।
40. सृजनात्मकता के चरण (Wallas) – तैयारी → उद्भवन → उद्भासन → सत्यापन।
41. ADHD – अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर।
42. ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर – सामाजिक संपर्क में कठिनाई।
43. डिस्लेक्सिया (Dyslexia) – पढ़ने में कठिनाई।
44. डिस्ग्राफिया (Dysgraphia) – लिखने में कठिनाई।
45. डिस्केलकुलिया (Dyscalculia) – गणितीय अक्षमता।
46. CCE – सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (Continuous and Comprehensive Evaluation) – 2009 से।
47. NEP 2020 – 5+3+3+4 पाठ्यचर्या संरचना।
48. MID-DAY MEAL – पोषण एवं नामांकन बढ़ाने हेतु।
49. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय – ST/ST बालिकाओं हेतु।
50. SCERT – राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद।
51. DIET – जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान।
52. ब्रूनर (Bruner) – प्रतिनिधित्व के तीन रूप (क्रियात्मक, चित्रात्मक, प्रतीकात्मक)।
53. आइसेनक (Eysenck) – व्यक्तित्व के आयाम (अंतर्मुखी/बहिर्मुखी, स्थिर/अस्थिर)।
54. कैटल (Cattell) – 16 व्यक्तित्व कारक (16 PF)।
55. ऑलपोर्ट (Allport) – व्यक्तित्व के लक्षण सिद्धांत।
56. रोजर्स (Rogers) – ग्राहक-केंद्रित चिकित्सा, आत्म-अवधारणा।
57. गिलफोर्ड (Guilford) – बुद्धि की त्रि-आयामी संरचना (SOI)।
58. हरलॉक (Hurlock) – विकास का नियम (प्रत्यास्मरण का)।
59. हॉल (Hall) – मनोविज्ञान का प्रारंभिक इतिहास।
60. जेम्स (James) – प्रयोजनवाद (Functionalism)।
61. बिने (Binet) – मानसिक आयु (MA) की अवधारणा।
62. टरमन (Terman) – Stanford-Binet IQ टेस्ट।
63. वेचस्लर (Wechsler) – WAIS, WISC IQ टेस्ट।
64. रोर्शा (Rorschach) – स्याही धब्बा परीक्षण (Inkblot test)।
65. मरे (Murray) – T.A.T. (Thematic Apperception Test) के सह-रचनाकार।
66. मॉर्गन (Morgan) – T.A.T. के सह-रचनाकार।
67. रेवेन (Raven) – Raven's Progressive Matrices (बुद्धि परीक्षण)।
68. भाटिया (Bhatia) – भाटिया बैटरी (बुद्धि परीक्षण)।
69. मैकडूगल (McDougall) – मूल प्रवृत्तियों (Instincts) का सिद्धांत।
70. गेसेल (Gesell) – विकास के मानदंड (Developmental norms)।
71. हैविघर्स्ट (Havighurst) – विकासात्मक कार्य (Developmental tasks)।
72. स्टर्न (Stern) – IQ सूत्र का प्रतिपादन।
73. डोल (Doll) – सामाजिक परिपक्वता स्केल (Vineland Social Maturity Scale)।
74. सुलिवन (Sullivan) – पारस्परिक सिद्धांत (Interpersonal theory)।
75. होरनी (Horney) – महिला मनोविज्ञान, बुनियादी चिंता।
76. फ्रॉम (Fromm) – सामाजिक चरित्र सिद्धांत।
77. एडलर (Adler) – व्यक्तिगत मनोविज्ञान (Individual psychology), हीनता की भावना।
78. युंग (Jung) – सामूहिक अचेतन (Collective unconscious), Archetypes।
79. लेविन (Lewin) – क्षेत्र सिद्धांत (Field theory)।
80. मिलर (Miller) & डॉलार्ड (Dollard) – अनुकरण अधिगम सिद्धांत।
81. गुथरी (Guthrie) – साहचर्य अधिगम (Contiguity theory)।
82. टोलमैन (Tolman) – अंतर्निहित अधिगम (Latent learning), संज्ञानात्मक मानचित्र।
83. क्रेपेलिन (Kraepelin) – मनोरोग वर्गीकरण (Psychiatry classification)।
84. सिमोन (Simon) – बिने-साइमन बुद्धि परीक्षण के सह-रचनाकार।
85. स्पिट्ज (Spitz) – अस्पतालवाद (Hospitalism) पर प्रयोग।
86. हार्लो (Harlow) – बंदरों पर लगाव (Attachment) प्रयोग (तार माँ)।
87. बौल्बी (Bowlby) – लगाव सिद्धांत (Attachment theory)।
88. एन्सवर्थ (Ainsworth) – स्ट्रेंज सिचुएशन (अटैचमेंट शैलियाँ)।
89. व्हाइट (White) – सक्षमता प्रेरणा (Competence motivation)।
90. वीर (Weir) – चिंता पर शोध।
91. लाजरस (Lazarus) – तनाव एवं मुकाबला (Stress & coping) सिद्धांत।
92. सेली (Selye) – सामान्य अनुकूलन सिंड्रोम (GAS) – तनाव प्रतिक्रिया।
93. कैनन (Cannon) – लड़ाई-या-उड़ान प्रतिक्रिया (Fight-or-flight)।
94. बार्ड (Bard) – कैनन-बार्ड सिद्धांत (भावनाएँ)।
95. शेक्टर (Schachter) – द्वि-कारक भावना सिद्धांत (Two-factor theory of emotion)।
96. जेम्स-लैंग (James-Lange) – भावना का परिधीय सिद्धांत।
97. कैनन-बार्ड (Cannon-Bard) – भावना का थैलेमिक सिद्धांत।
98. फेस्टिंगर (Festinger) – संज्ञानात्मक असंगति (Cognitive dissonance)।
99. एश (Asch) – अनुरूपता प्रयोग (Conformity experiments)।
100. मिलग्राम (Milgram) – आज्ञाकारिता प्रयोग (Obedience experiments)।
101. ज़िम्बार्डो (Zimbardo) – स्टैनफोर्ड जेल प्रयोग।
102. शेरिफ (Sherif) – रॉबर्स केव प्रयोग (समूह संघर्ष)।

💡 One Attempt Success Tip

UPTET 2026 में CDP में 30/30 लाने के लिए इस गाइड का बार-बार रिवीजन करें। सिद्धांतकारों के नाम, उनके प्रयोग और सिद्धांतों को ट्रिक्स के साथ याद करें। ‘ऑप्शन एलिमिनेशन’ तकनीक अपनाएँ – गलत विकल्पों को पहचानकर हटाएँ। नियमित मॉक टेस्ट दें।

🎯 One Attempt – सही दिशा, सटीक सफलता!

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