B.F. स्किनर: क्रिया प्रसूत अनुबंधन
Operant Conditioning Theory | UPTET CDP के लिए संपूर्ण गाइड
UPTET CDP Complete Master Course
पियाजे, वाइगोत्सकी, कोहलबर्ग – 2000+ शब्दों में सिद्धांत।
CDP Notes पढ़ेंबी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) अमेरिकी मनोवैज्ञानिक थे। उन्होंने 'क्रिया प्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) दिया, जो व्यवहारवाद (Behaviourism) के अंतर्गत आता है। यह सिद्धांत बताता है कि व्यवहार उसके परिणामों (पुरस्कार या दंड) से नियंत्रित होता है।
'R' का अर्थ Response (अनुक्रिया) है।
पावलव और थॉर्नडाइक के सिद्धांत (Type S) में पहले उद्दीपक (S) फिर अनुक्रिया (R) होती थी। स्किनर ने बताया कि व्यक्ति बिना उद्दीपक के भी सक्रिय रूप से अनुक्रिया कर सकता है, और अनुक्रिया के बाद उद्दीपक मिलता है।
स्किनर ने चूहों और कबूतरों पर प्रयोग किए। उन्होंने कबूतरों को टेबल टेनिस खेलना तक सिखाया। प्रसिद्ध प्रयोग: चूहे को एक बॉक्स में रखा गया जिसमें एक लीवर (बटन) था। चूहे ने गलती से लीवर दबाया → उसे खाने का गोला (भोजन) मिला। धीरे-धीरे चूहा लीवर दबाना सीख गया। इस बॉक्स को 'स्किनर बॉक्स' नाम दिया गया।
स्किनर बॉक्स (Operant Chamber)
अनुक्रिया (लीवर दबाना) → उद्दीपक (भोजन)
पुनर्बलन वह तत्व है जो अनुक्रिया की आवृत्ति बढ़ाता है। यह थॉर्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect) से संबंधित है।
✅ सकारात्मक पुनर्बलन (Positive)
अनुक्रिया के बाद कोई सुखद चीज देना।
उदा: अच्छे अंक लाने पर लैपटॉप देना, प्रशंसा करना।
⚠️ नकारात्मक पुनर्बलन (Negative)
अप्रिय उद्दीपक को हटाना (यह दंड नहीं है)।
उदा: ट्रैफिक पुलिस को देखकर हेलमेट पहन लेना।
| अनुसूची | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| सतत (Continuous) | हर सही अनुक्रिया पर पुनर्बलन। नए व्यवहार स्थापित करने के लिए सर्वोत्तम। | हर बार सही उत्तर देने पर टॉफी देना। |
| निश्चित अंतराल (Fixed Interval) | निश्चित समय बाद। | मासिक वेतन, UPTET परीक्षा। |
| परिवर्तनशील अंतराल (Variable Interval) | अनिश्चित समय पर। | प्रॉक्टर द्वारा कक्षा में बिना बताए निरीक्षण। |
| निश्चित अनुपात (Fixed Ratio) | निश्चित संख्या में प्रयासों के बाद। | 5 कार्ड बेचने पर बोनस। |
| परिवर्तनशील अनुपात (Variable Ratio) | अनिश्चित संख्या में प्रयासों के बाद (सबसे प्रभावी)। | लॉटरी, जुआ, सोशल मीडिया नोटिफिकेशन। |
दंड व्यवहार की आवृत्ति घटाता है।
स्किनर के सिद्धांत का सबसे बड़ा शैक्षिक उपयोग अभिक्रमित अधिगम है। यह क्रिया प्रसूत अनुबंधन पर आधारित है, जिसमें बच्चा अपनी गति से, क्रमबद्ध तरीके से स्व-अधिगम करता है।
स्किनर के अनुसार बच्चा भाषा अनुकरण (Imitation) और दोहराव के माध्यम से सीखता है। वह परिवार में बोली जाने वाली भाषा सुनकर उसकी नकल करता है। (नोम चॉम्स्की ने इसकी आलोचना की थी)।
🎯 One Attempt Success Tip
स्किनर का सिद्धांत UPTET/CTET में बहुत महत्वपूर्ण है। सकारात्मक पुनर्बलन, नकारात्मक पुनर्बलन, दंड और अनुसूचियों के अंतर को अच्छी तरह समझें। 'पलायन' नकारात्मक पुनर्बलन पर आधारित है। 'शेपिंग' और 'चेनिंग' के उदाहरण याद रखें। ऊपर दिए गए 50+ वन-लाइनर्स का रिवीजन जरूर करें – परीक्षा में ये सीधे पूछे जाते हैं।
स्किनर को समझो, CDP में मास्टर बनो!